रसायन विज्ञान – 5

ऑक्सीकरण एवं अवकरण

ऑक्सीकरण -: विद्युत् ऋणात्मक परमाणु या मूलक का अनुपात बढ़ना या धन आवेश का बढ़ना या इलेक्ट्रान का त्याग ऑक्सीकरण कहलाता है।
                   जैसे - Na -----> Na+  +  e 
अवकरण -: विद्युत् धनात्मक परमाणु या मूलकों के अनुपात का बढ़ जाना या धन आवेश का घट जाना या इलेक्ट्रान को ग्रहण करना अवकरण कहलाता है।
रेडॉक्स अभिक्रिया -: ऑक्सीकरण अवकरण की क्रियाएं साथ – साथ होती हैं, अर्थात जब एक पदार्थ इलेक्ट्रान त्याग करता है, तो दूसरा उसे ग्रहण करता है, इसे ही रेडॉक्स अभिक्रिया कहते हैं।
अवकारक -: जिस पदार्थ का ऑक्सीकरण होता है, अर्थात जो पदार्थ इलेक्ट्रान त्याग करता है, उसे अवकारक कहते हैं। जैसे – H2, C, CO
ऑक्सीकारक -: जिस पदार्थ का अवकरण होता है, अर्थात जो पदार्थ इलेक्ट्रान ग्रहण करता है, ऑक्सीकारक कहलाता है। जैसे – O2, KMnO4
ऑक्सीकारक और अवकारक दोनों जैसा आचरण करने वाला पदार्थ है – हाइड्रोजन सल्फाइड, सल्फर डाइऑक्साइड, नाइट्रस अम्ल आदि।
ऑक्सीकरण संख्या -: किसी तत्त्व की ऑक्सीकरण संख्या वह संख्या है, जो किसी अणु या आयन में उस परमाणु पर आवेश की संख्या को बताती है, यदि उस अणु या आयन से शेष सभी परमाणुओं को संभावित आयनों के रूप में अलग कर दिया जाय। जैसे – Mn की ऑक्सीकरण संख्या KMnO4 में –
KMnO4 —> + 1 + x (-8) = 0 अतः KMnO4 में Mn की ऑक्सीकरण संख्या 7 है।
x – 7 = 0,
x = 7
अतः KMnO4 में Mn की ऑक्सीकरण संख्या 7 है।

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