रसायन विज्ञान – 2

                                                                       परमाणु संरचना

  • परमाणु : तत्व का वह छोटा से छोटा कण है, जो किसी भी रासायनिक अभिक्रियाओं में भाग ले सकता है परन्तु स्वतंत्र अवस्था में नहीं रह सकता है, परमाणु कहलाता है।
  • अणु : तत्व तथा यौगिक का वह छोटा से छोटा कण है, जो स्वतंत्र अवस्था में रह सकता है, अनु कहलाता है।
  • परमाणु – भार : किसी तत्व का परमाणु-भार वह संख्या है, जो यह प्रदर्शित करता है कि तत्वा का एक परमाणु, कार्बन-१२ के परमाणु के १/१२ भाग द्र्वयमान अथवा हाइड्रोजन के १.००८ भाग द्र्वयमान से कितना गुना भारी है।
  • अणु – भार : किसी पदार्थ का अणुभार वह संख्या है, जो यह प्रदर्शित करती है कि उस पदार्थ का एक अनु कार्बन – १२ के एक परमाणु के १/१२ भाग से कितना गुना भारी है।
  • मोल धारणा : एक मोल किसी भी निश्चित सूत्र वाले पदार्थ की वह राशि है, जिसमे इस पदार्थ के इकाई सूत्र की संख्या उतनी ही है, जिनकी शुद्ध कार्बन – १२ आइसोटोप के ठीक १२ ग्राम में परमाणुओं की संख्या है।
  • मोल इकाई का मान : मोल का मान 6.022 * 10^23 है। कार्बन के १२ ग्राम या एक मोल में 6.022 * 10^23 परमाणु हैं। 6.022 * 10^23 को आवोगाड्रो संख्या भी कहते हैं।
  • २०वी शताब्दी में आधुनिक खोजों के परिणामस्वरूप जे जे थॉमसन, रदरफोर्ड, जेम्स चैडविक आदि वैज्ञानिकों ने यह सिद्ध कर दिया की परमाणु विभाज्य है तथा मुख्यतः तीन मूल कणों से मिलकर बना है,जिन्हे इलेक्ट्रान, प्रोटोन तथा न्यूट्रॉन कहते हैं।
  • परमाणु क्रमांक : किसी तत्वा के परमाणु के नाभिक में उपस्थित प्रोटॉनों की संख्या को परमाणु क्रमांक कहते हैं।
  • द्रव्यमान संख्या : किसी परमाणु के नाभिक में उपस्थित प्रोटॉनों और न्यूट्रॉनों की संख्याओं का योग उस परमाणु की द्रव्यमान संख्या कहलाती है।
  • समस्थानिक : समान परमाणु क्रमांक परन्तु भिन्न परमाणु द्रव्यमानों के परमाणुओं को समस्थानिक कहते हैं। सबसे अधिक समस्थानिक वाला तत्व पॉलोनियम है।
  • समभारिक : समान परमाणु द्रव्यमान परन्तु भिन्न परमाणु क्रमांक के परमाणुओं को समभारिक कहते हैं।

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